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Vandematram Par Bawal Kyun? (वंदेमातरम पर बवाल क&#2381

Vandematram Par Bawal Kyun? (वंदेमातरम पर बवाल क्

Paperback

Historical Fiction

ISBN10: 9376962184
ISBN13: 9789376962181
Publisher: Diamond Pocket Books Pvt Ltd
Published: Mar 30 2026
Pages: 130
Weight: 0.35
Height: 0.31 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: English
'वंदे मातरम' को विवादित बनाना एक पूरी सुनियोजित योजना की ओर संकेत करता है। इसके पीछे का सच यह है कि अंग्रेजों ने मुसलमानों को हिंदुओं से अलग करने के लिए उन्हें इस बात के लिए उकसाना आरंभ किया कि वे 'वंदे जो कुछ चाहिए ब्रिटिश सरकार उन्हें वही देने के लिए तैयार है। जिस 'वंदे मातरम' पर प्रारंभिक दौर में किसी मुस्लिम को कोई आपत्ति नहीं रही, उसने अंग्रेजों से अपने लिए 'बहुत कुछ' मिल जाने की शर्त पर इसका मजहबी आधार पर विरोध करना आरंभ किया। मुस्लिम लीग ने 'सब कुछ' को पाकिस्तान तक ले जाकर समाप्त किया। भारत के धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक नेतृत्व ने स्वाधीनता के उपरांत भी 'वंदे मातरम' के विरोध को जारी रखने की खुली छूट प्रदान की। फलस्वरुप यह विरोध आज भी रुक नहीं रहा है। जो लोग स्वतंत्रता पूर्व मजहबी आधार पर 'वंदेमातरम' का विरोध कर रहे थे, वही आज फिर 'सब कुछ' लेने के लिए 'वंदे मातरम' का विरोध कर रहे हैं।... फिर एक नई तैयारी है ?.... परंतु क्या यह तैयारी पूर्ण कर लेने देनी चाहिए।

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