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Sanskritik Rashtravad Ke Purodha Bhagwan Shriram: सांस्कृतिक राष्&

Sanskritik Rashtravad Ke Purodha Bhagwan Shriram: सांस्कृतिक राष्&

Paperback

Religion General

ISBN10: 935486466X
ISBN13: 9789354864667
Publisher: Diamond Pocket Books Pvt Ltd
Published: Aug 5 2021
Pages: 170
Weight: 0.49
Height: 0.39 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: Hindi
श्रीराम हमारे लिए एक ऐसा व्यक्तित्व हैं जिन्हें हम भारतवासियों ने बहुत समय से भगवान के रूप में माना और समझा है। उनके दिव्याचरण, धर्मानुकूल मर्यादित व्यवहार और चरित्र के दिव्य गुणों के कारण हमने उन्हें इस प्रकार का सम्मान प्रदान किया है। इस पुस्तक में हमने जो सोचा है- उसे कर डालो, शासक का कठोर होना जरूरी,वनवास में भी पुरुषार्थ करते रहो, दिए गये वचन को पूरा करो, जीवन शक्ति का करो सदुपयोग, राक्षसों के संहारक बनों, तुम्हें देखते ही देशद्रोही भाग खड़े हों, राक्षस को जीने का अधिकार नहीं, सदुपदेश पर करो अमल, अपनाओ श्रीराम के चरित्र को,राम भगवान क्यों बने?, संपूर्ण भारत को बना दो श्री राम का मंदिर, अपना लो श्रीराम की उदारता, सिंहावलोकन हमने क्या सीखा? नामक कुल 14 अध्यायों में 14 वर्ष वनवासी जीवन जीने वाले भगवान श्रीराम के जीवन के आदर्शों को आज के भागमभाग और दौड़-धूप के जीवन में अपनाकर अपना जीवन कल्याण करने हेतु, पुस्तक रूप में प्रस्तुत किया है। यदि इन अध्यायों के मर्म पर विचार किया जाए तो श्रीराम आज भी हमारे व्यक्तित्व विकास में सहायक हो सकते हैं।

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