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Swayam Ka Samna - Hercules Ki Antarik Khoj (Hindi)

Swayam Ka Samna - Hercules Ki Antarik Khoj (Hindi)

Paperback

General Fiction

ISBN10: 8184153929
ISBN13: 9788184153927
Publisher: Wow Publishings
Published: Jan 1 2010
Pages: 274
Weight: 0.46
Height: 0.58 Width: 4.37 Depth: 7.00
Language: Hindi

अपने अंदर हरक्युलिस को जनम दें
'आप कपड़े क्यों नहीं पहनते?' लड़के ने पागल फकीर से आश्]चर्य में पड़कर सवाल किया पागल फकीर ने शांत स्वर में जवाब दिया, 'क्योंकि पहले हम कपड़े पहनते हैं, बाद में कपड़े हमें पहन लेते हैं'

पागल फकीर का पहेलीनुमा जवाब लड़के को कुछ समझ में नहीं आया उसने फकीर से अगला सवाल किया- 'आपकी आँखें लाल क्यों हैं?' रहस्यमयी मुस्कान के साथ पागल फकीर ने जवाब दिया- 'क्योंकि तुम्हारी आँखों में बाल है' फकीर का अतार्किक जवाब लड़के की समझ से बाहर था फिर भी तीसरा सवाल पूछने की उत्सुकता वह दबा न सका 'आप इस खंडहर में क्यों रहते हैं?' पागल फकीर ने हँसते हुए जवाब दिया, 'यह खंडहर नहीं, महल है' पागल फकीर के ऊल-जलूल जवाब सुनकर लड़के का सिर चकरा गया उसे अब पूरा विश्]वास हो गया कि हो न हो यह फकीर आधा नहीं पूरा पागल है फिर भी अंदर ही अंदर उसका दिल फकीर से बार-बार मिलने की गवाही दे रहा था१२

... 'खोज- स्वयं का सामना' ग्रंथ

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