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Shreshth Gyarah kahaniyan: Premchand

Shreshth Gyarah kahaniyan: Premchand

Hardcover

General Fiction

ISBN10: 9356828423
ISBN13: 9789356828421
Publisher: Prabhakar Prakashan Private Limited
Published: Feb 25 2025
Pages: 114
Weight: 0.62
Height: 0.44 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: Hindi
हिन्दी साहित्य के सम्राट प्रेमचंद की रचनाएँ सचमुच ही अपने आप में अद्भुत रोचकता और भावनाओं को समेटे हुए हैं। उनकी लेखनी से उद्धृत प्रत्येक वाक्य उस वर्तमान समय की कसौटी पर खरा उतरता है। उनकी रचनाएँ बेहद सरल और सौम्य भाषा में हैं। प्रत्येक रचना पाठक के अंतरंग मन को छू जाती हैं। प्रेमचंद केवल एक मनोरंजक लेखन ही नहीं, अपितु वे हिन्दी और उर्दू भाषा में अपनी दक्षता के लिए भी प्रसिद्ध हैं। यूँ तो उनकी प्रत्येक रचना पाठक के लिए अद्भुत है, परन्तु कुछ रचनाएँ अपनी अमर छाप छोड़े हुए हैं जैसे- 'बूढ़ी काकी' हमारे समाज में बुर्जुगों के साथ हो रहे अपमानजनक व्यवहार को प्रकट करती है। इसी तरह 'समस्या', 'सवा सेर गेहूँ', 'बड़े भाई साहब' 'ईदगाह' कहानी एक ऐसे बाल मन को पाठक तक पहुँचाती है, जो उम्र में है तो छोटा-सा पर विचारों से वह इतना बड़ा है कि अपनी उम्र से ज़्यादा के बालकों को भी अपनी सोच-विचार का दीवाना बना लेता है। और अपनी इच्छाओं को एक तरफ़ कर अपनी पालनकर्ता की जरूरत को पूरा करता है। इसी तरह प्रेमचंद द्वारा रचित कहानी 'पूस की रात' में जहाँ एक ओर किसान की समस्याओं को दर्शाया गया है वहीं एक अमुख जानवर का मनुष्यों के प्रति प्रेम को भी दिखाया गया है। इस पुस्&#

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