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Karmbhumi

Karmbhumi

Hardcover

Classic Fiction

ISBN10: 9389851815
ISBN13: 9789389851816
Publisher: Prabhakar Prakashan Private Limited
Published: Oct 11 2024
Pages: 290
Weight: 1.07
Height: 0.81 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: Hindi
हमारे शिक्षालयों में नर्मी को घुसने ही नहीं दिया जाता। वहाँ स्थायी रूप से मार्शल लॉ का व्यवहार होता है। कचहरी में पैसे का राज है, हमारे स्कूलों में भी पैसे का राज है, उससे कहीं कठोर, कहीं निर्वय। देर में आइए तो जुर्माना, न आइए तो जुर्माना, सबक न बाद हो तो जुर्माना, किताबें न खरीद सकिए तो जुर्माना, कोई अपराध हो जाए तो जुर्माना, शिक्षालय क्या है, जुर्मानालय है। यही हमारी पश्चिमी शिक्षा का आवर्श है, जिसकी तारीफों के पुल बाँधे जाते हैं। यदि ऐसे शिक्षालयों से पैसे पर जान देने वाले, पैसे के लिए गरीबों का गला काटने वाले, पैसे के लिए अपनी आत्मा बेच देने वाले छात्र निकलते हैं. तो आश्चर्य क्या है?

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