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Ramayan Ke Amar Patra - Maharani Kakai

Ramayan Ke Amar Patra - Maharani Kakai

Paperback

General Fiction

ISBN10: 9352967488
ISBN13: 9789352967483
Publisher: Alpha Ed
Published: Aug 27 2019
Pages: 154
Weight: 0.41
Height: 0.33 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: Hindi
कैकेयी सामान्य अर्थ में 'केकय देश की राजकुमारी'। तदनुसार रामायण में सार्वभौम की पत्नी, जयत्सेन की माता सुनंदा को कैकेयी कहा गया है। किन्तु रूढ़ एवं अति प्रचलित रूप में 'कैकेयी' केकय देश के राजा अश्वपति और शुभलक्षणा की कन्या एवं कौशलनरेश दशरथ की कनिष्ठ, किंतु अत्यंत प्रिय पत्नी का नाम है। इसके गर्भ से भरत का जन्म हुआ था। जब राजा दशरथ देवदानव युद्ध में देवताओं के सहायतार्थ गए थे, तब कैकेयी भी उनके साथ गई थी। युद्ध में दशरथ के रथ का धुरा टूट गया, उस समय कैकेयी ने धुरे में अपना हाथ लगाकर रथ को टूटने से बचाया और दशरथ युद्ध करते रहे। युद्ध समाप्त होने पर जब दशरथ को इस बात का पता लगा तो प्रसन्न होकर कैकेयी को दो वर माँगने के लिए कहा। कैकेयी ने उसे यथासमय माँगने के लिए रख छोड़ा। तदनुसार राम वन को गए पर भरत ने राज्य ग्रहण करना स्वीकार नहीं किया, उन्होंने माता की भर्त्सना की और राम को लौटा लाने के लिए वन गए। उस समय कैकेयी भी उनके साथ गई। कैकयी के जीवन का उपन्यासिक शैली में सुन्दर प्रस्तुतीकरण है।

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