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Prasiddh Hastiyon Aur Buddhi Jeeviyon Ki Nazar Main Osho (प्रसिद्ध हस्ति

Prasiddh Hastiyon Aur Buddhi Jeeviyon Ki Nazar Main Osho (प्रसिद्ध हस्ति

Paperback

Philosophy

ISBN10: 9352961846
ISBN13: 9789352961849
Publisher: Diamond Books Ltd
Published: Jan 13 2022
Pages: 256
Weight: 0.72
Height: 0.58 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: Hindi
हालांकि यह बात कोई मायने नहीं रखती कि लोगों की नज़र में ओशो कौन हैं। स्वयं ओशो ने भी इस बात की। कभी परवाह नहीं की, कि लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं। सच तो यह है कि ओशो को किसी प्रमाण की। आवश्यकता नहीं है, न ही वह मोहताज हैं किसी भीड़ या समर्थन के। पर एक समाज है, जो अपने अलावा सबकी खबर रखता है, जो निरंतर भीतर नहीं, बाहर झांकता रहता है। जो अपनी संकुचित बुद्धि से अंदाजे लगाता रहता है और गढ़ता रहता है अधूरेपन से एक पूरी तस्वीर। न केवल स्वयं भटकता है, बल्कि दूसरों को भी गुमराह करता है। जिसका नतीजा यह होता है कि ओशो जैसा संबुद्ध, रहस्यदर्शी सद्गुरु, एक सेक्स गुरु या अमीरों का ही गुरु बनकर रह जाता है। जबकि सच तो यह है कि जिसने भी ओशो को पढ़ा है, सुना है या ओशो के आश्रमों में गया है। वह चमत्कृत हुआ है। ओशो के प्रति न केवल उसकी सोच बदली है बल्कि उसका। स्वयं का जीवन भी रूपांतरित हुआ है।

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