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Mahapurushon Ki Kalam Se - Vishwa-vicharak Mahavakya (Hindi)

Mahapurushon Ki Kalam Se - Vishwa-vicharak Mahavakya (Hindi)

Paperback

General Fiction

ISBN10: 8184154216
ISBN13: 9788184154214
Publisher: Wow Publishings
Published: Jan 1 2010
Pages: 218
Weight: 0.62
Height: 0.50 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: Hindi
महान विचारकों के अनुभव जब शब्द रूप में कागज पर उतरते हैं तो वे नई क्रांति ला सकते हैं। उनके अनुभवों के निचोड़ से सदियों तक समाज लाभान्वित होता है, एक नई दिशा प्राप्त करता है। अनुभवसिद्ध विचारों में अनंत शक्ति छिपी होती है, जिन्हें पढ़कर विश्वास, प्रेरणा, ऊर्जा और ज्ञान का संवर्धन किया जा सकता है। नवनिर्माण का बीज इसी में समाहित है।

महावाक्य, सुविचार, सूक्तियॉं ज्ञान का भंडार होते हैं। ये असीम को सीमा देने के सुंदर प्रयास हैं। ये गागर में सागर भरने की कला के अनुपम उदाहरण हैं। क्योंकि ये निराशा व कुंठा से भरे जीवन में आशा की किरण जगा सकते हैं।

प्रस्तुत पुस्तक में 1500 से भी अधिक अमर वाक्य संकलित हैं। आप चाहे जहॉं रहते हों, चाहे जो करते हों, इन पर मनन करने से आपको लाभ होगा क्योंकि कई बार तो एक वाक्य से ही जीवन बदल जाता है। संकलित सूक्तियों की एक झलक देखने भर से आपको आभास हो जाएगा कि इनसे कितनी प्रेरणा और लाभ मिल सकता है। इन सभी सूक्तियों पर यदि कोई गहराई से मनन करे तो निश्चित ही उस इंसान के जीवन में अमूलाग्र परिवर्तन होगा।

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