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Chocolate

Chocolate

Paperback

General Fiction

ISBN10: 9386534614
ISBN13: 9789386534613
Publisher: Multicultural Books & Videos
Published: Nov 28 2021
Pages: 114
Weight: 0.34
Height: 0.27 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: Hindi
पाण्डेय बेचन शर्मा 'उग्र' की आठ कहानियों का संकलन चाकलेट आधुनिक हिन्दी साहित्य में समलैंगिक रिश्तों पर पहली पुस्तक मानी जाती है। 1927 में इसके प्रकाशित होते ही पक्ष-विपक्ष में एक ज़ोरदार बहस छिड़ गयी जिसमें प्रेमचंद से लेकर महात्मा गाँधी तक शामिल थे। उग्र का मानना था कि समलैंगिकता पर लिखकर वे लोगों में इसके प्रति जागरूकता पैदा करना चाहते थे। लेकिन उनके विरोधियों ने इन कहानियों को 'घासलेटी' कहकर नकार दिया। साहित्यिक परिवेश में यह विवाद दो दशक तक ही चला लेकिन समाज में आज भी यह ऐसा विषय है जो विवादों से अछूता नहीं है। 2018 में भारतीय उच्चतम न्यायालय द्वारा समलैंगिकता को मान्यता देने के बावजूद ऐसे रिश्तों को आज भी समाज की खुले मन से स्वीकृति नहीं मिली है। सदियों पुरानी सभ्यता वाले हमारे देश में जहाँ कामसूत्र की रचना हुई और महाभारत में शिखंडी का पात्र मिलता है - वहाँ कामुकता, समलैंगिकता, अश्लीलता और सेंसरशिप जैसे मुद्दों पर लगभग सौ साल पहले छिड़ी बहस का अब तक पूरी तरह से निवारण नहीं हो सका है। अपने उपनाम 'उग्र' की तरह पांडेय बेचन शर्मा का लेखन भी उग्र था। वे अपने बेबाक, राष्ट्रवादी, क्रांतिकारी लेखन के लिए जाने जाते थे। वे सामाजिक उद्ध&

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