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Sadguru-Nanak

Sadguru-Nanak

Paperback

General Fiction

ISBN10: 8183226949
ISBN13: 9788183226943
Publisher: Manjul Publishing House Pvt Ltd
Published: Jan 21 2016
Pages: 188
Weight: 0.42
Height: 0.43 Width: 5.06 Depth: 7.81
Language: Hindi
मैं बड़ा हूँ कहकर छोटे न बने कहें कि मैं ईश्वर के हुकुम से बना हूँ ईश्वर ने बड़े और छोटे हर तरह के मटके (शरीर) बनाए हैं I जब बड़ा मटका कहता है कि 'मैं बड़ा हूँ' तो यह कहकर वह असल मैं छोटा हो जाता है I यदि छोटा मटका कहता है कि मैं तो ईश्वर के हुकुम से बना हूँ, मुझे छोटा या बड़ा मालूम नहीं है, ' तो समझ के साथ यह कहना उसे बड़ा बना देता है I जो छोटे मटके ऐसा कह पाते हैं, ईश्वर के हुकुम से वे बड़ा काम कर दिखाते हैं I अहंकार रखकर जो मटके स्वयं को बड़ा दिखाते हैं, बे ओछा काम कर दिखाते हैं I अहंकार रखकर जो मटके स्वयं को बड़ा दिखाते हैं, वे ओछा काम करके अपनी और दूसरों की नज़रों मैं छोटे हो जाते हैं I मानव जाती के सामने ऐसा कोई उदहारण हैं I गुरु नानक देव संपूर्ण जीवन ईश्वर के हुकुम पर जिए और बड़े बन गए I उनका जीवन उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो प्रभु के हुकुम पर चलना चाहते हैं, परन्तु हिम्मंत नहीं कर पाते I

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