• Open Daily: 10am - 10pm
    Alley-side Pickup: 10am - 7pm

    3038 Hennepin Ave Minneapolis, MN
    612-822-4611

Open Daily: 10am - 10pm | Alley-side Pickup: 10am - 7pm
3038 Hennepin Ave Minneapolis, MN
612-822-4611
Yuddh Ki Sanstuti

Yuddh Ki Sanstuti

Paperback

General Fiction

ISBN10: 9390944074
ISBN13: 9789390944071
Publisher: Independent Cat
Published: Mar 3 2021
Pages: 226
Weight: 0.64
Height: 0.52 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: Hindi
चार खण्डों में फ़ैली महाभारत गौरवगाथा के पहला भाग है। यह कहानी है भारत वर्ष में पाँच हजार वर्षों और अधिक से पूर्व की, एक महायुद्ध के प्रारम्भ की, दो वंशों के बीच बनते-बिगड़ते संबंधों की, अधिकार और राज्य सत्ता के लिये हुए संघर्षों की, संघर्षों के बीच पनपते प्रेम, सम्मान तथा दया और ममता की, त्याग और बलिदानों के साथ उपजती लालसाओं और असन्तोष की, और अंत में एक नारी के अपमान पर उबलते हुए ख़ून और पीड़ा की, समस्त संभावनाओं के साथ धर्म और विश्वाश की रक्षा की, ज्ञान और विज्ञान के साथ निर्माण और विनाश की भी, अनादि काल से मानवीय संबंधों के बीच संघर्ष होते रहे हैं, आज भी हैं और शायद आगे भी रहेंगे ही। किन्तु विगत संघर्षों के होने के कारणों से आज का मनुष्य कुछ न कुछ सीखता आया है।

Also from

Srivastava, Arvind Kumar

Also in

General Fiction