Yadon Me Kartik
Paperback
ISBN13: 9789358698732
Publisher: Pralek Prakashan
Published: Jan 23 2026
Pages: 202
Weight: 0.53
Height: 0.46 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: Hindi
आकांक्षा प्रिया की यह तीसरी पुस्तक विविधवर्णी, बहुमुखी और बहुआयामी विषयों पर लेखिका द्वारा चलाई गई अपनी खूबसूरत लेखनी का एक बेहतरीन मुजस्सिमा, एक बेहद आकर्षक गुलदस्ता है -- लेकिन इन सबके केन्द्र में लोक-संस्कृति और लोक-सरोकार ही सबसे घनिष्ठता से आबद्ध है। लेखिका ने अपने चहुंओर के रोजाना घटित होने वाले और बहुधा बेहद मामूली और अध्यातव्य सी घटित होने वाली चीजों में से भी जिस प्रतीति के विषय-वस्तुओं और उनके अन्तर्विष्ट यथार्थों का निरुपण करने का प्रयास किया है, वह अपने आप में लेखिका के सर्वथा अप्रतिम और अनन्य लेखकीय विजन की एक सर्वांग मौलिक झलक दिखा जाता है। लेकिन पुस्तक में शामिल आलेखों की खुबसूरती और पठनीयता को दोबाला करने वाला जो एक अद्भुत तत्व है, वह है वर्णित विषयों के प्रति लेखिका का गहरा लगाव-जूड़ाव और उन विषयों से सन्नद्ध लेखिका के नितांत निजी अनुभव और प्रत्यक्षभागिता। तात्पर्य यह कि पुस्तक का कोई भी आलेख महज पाठक के सूचनार्थ अथवा ज्ञानार्थ निवेदित लेखन नहीं है, वरन् वह विषय-विशेष से सम्बद्ध लेखिका के सर्वथा निजी अनुभवों व अनुभूतियों का एक रोचक और सहजग्राह्य शब्दांकन है। इन आलेखों को यही चीज सबसे ज्यादा सर
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