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Vayam Rakshamah

Vayam Rakshamah

Paperback

Classic Fiction

ISBN10: 9390605164
ISBN13: 9789390605163
Publisher: Lightning Source Inc
Published: Jan 10 2022
Pages: 450
Weight: 1.25
Height: 1.00 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: Hindi
अब लक्ष्मण ने सात बाण धनुष पर चढ़ाकर रावण की ध्वजा काट डाली। इसी समय रावण की दृष्टि विभीषण पर पड़ी। उसने तत्काल बिजली की भांति दीप्तिमती महाशक्ति उसपर फेंकी। परन्तु लक्ष्मण ने उसे बीच में ही तीन बाणों से काट डाला। इस प्रकार लक्ष्मण के हाथों विभीषण की रक्षा होते देख रावण क्रोध से सर्प की भांति फुफकारने लगा। उसने कहा- 'अरे सौमित्रि, तेरे हस्तलाघव की प्रशंसा करता हूं। तुझमें शक्तिधर कार्तिकेय से भी अधिक सामर्थ्य है। पर आज तू जीवित नहीं बच सकता। ले रे पुत्रघाती, मर!' - इसी पुस्तक से

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