Maun Samudra
Paperback
Publisher Price: $16.99
ISBN13: 9788198771988
Publisher: Kasturi Vijayam
Published: Mar 31 2026
Pages: 102
Weight: 0.30
Height: 0.26 Width: 6.00 Depth: 9.00
Language: Hindi
डॉ. सब्बनि लक्ष्मी नारायण एक संवेदनशील और बहुमुखी प्रतिभा के धनी साहित्यकार हैं, जिनकी लेखनी में समाज, संस्कृति और मानवीय मूल्यों की गहरी झलक मिलती है। उन्होंने कविता, कहानी, गद्य, निबंध और आलोचना जैसे विभिन्न साहित्यिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, साथ ही तेलंगाना पर उनकी कई प्रमुख कृतियाँ भी प्रकाशित हुई हैं। समाज, राज्य और राजनीतिक व्यवस्था की विसंगतियों पर उनकी पैनी दृष्टि उनके लेखन को और प्रभावशाली बनाती है।
उनका काव्य-संग्रह मौन समुद्र (तेलुगू से हिंदी अनुवाद) अपने नाम की तरह गहन और अर्थपूर्ण है। समुद्र की भांति यह संग्रह बाहर से शांत दिखते हुए भी भीतर अनेक विचारों और भावनाओं की गहराई समेटे हुए है। प्रत्येक कविता पाठक को सोचने पर मजबूर करती है और समाज-सुधार, आशा तथा देशभक्ति का संदेश देती है।
इस संग्रह में शहरी जीवन की भागदौड़, लोगों के बीच बढ़ती संवेदनहीनता, मजदूरों की समस्याएँ और बेहतर भविष्य की आशा का सजीव चित्रण है। फुटपाथ कविता आम जनजीवन के संघर्ष को दर्शाती है, जबकि पिटी यू उपभोक्तावाद और विज्ञापनों के भ्रम को उजागर करती है।
कुल मिलाकर, मौन समुद्र एक प्रभावशाली काव्य-संग्रह है, जो मानव ज
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