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Kaliyug Ke Vedvyas: Munshi Premchand (कलियुग के वेदव्या&#236

Kaliyug Ke Vedvyas: Munshi Premchand (कलियुग के वेदव्याì

Paperback

General Fiction

ISBN10: 8128811959
ISBN13: 9788128811951
Publisher: Diamond Pocket Books Pvt Ltd
Published: Apr 8 2026
Pages: 162
Weight: 0.43
Height: 0.37 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: Hindi
मुंशी प्रेमचन्द की लोकप्रियता का कारण है-उनकी रचनाओं का साधारण, सरल व सहज होना। उनकी रचनाओं में उकेरी गई समस्याएं हमारी निजी समस्याएं हैं। जो समस्याएं मुंशी जी ने सौ वर्ष पहले उठाई, आज भी उसकी प्रासंगिकता जस की तस है यही उनके कालजयी रचनाकार होने का सबसे बड़ा प्रमाण है। इसमें कोई संदेह नहीं कि युग-पर्यंत उनकी रचनाओं की प्रासंगिकता अक्षुण्ण रहेगी। अतः प्रेमचन्द को भारतीय समाज का युगद्रष्टा साहित्यकार कहा जा सकता है।

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