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Dil Kaise Na Bekarar Ho

Dil Kaise Na Bekarar Ho

Paperback

General Poetry

ISBN10: 9391571832
ISBN13: 9789391571832
Publisher: Redgrab Books Pvt Ltd
Published: Feb 9 2024
Pages: 302
Weight: 0.85
Height: 0.68 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: Hindi

पुस्तक परिचय दिल बेक़रार कै से न हो गीत सं ग्रह एक बार पुनः आपकी बेक़रारियो को बढ ं ़ाने वाला है। सभी तरह के दःख-सुख के ु लम्हों को गी ्हों तो के म ं ाध्यम से आप तक पहुँचाने का प्रयास है। पलको के बन्द करने पर भी जब वह द ं िखाई दे, चन्द लम्हों की मुहब्ब ्हों त क्या- क्या रंग जीवन में लाती है, बैठे हैं इन्तज़ार में ...? चुपके से आकर जो दिल में हलचल मचा दे तो कै से न दिल बेकरार होगा। तरन्म में ग नु ाये जाने वाले फिल्मी अन्दाज लिये ये गीत आपके हृदय को अवश्य छुयेंगे । फे स बुक के मेरे तमाम दोस्त इन गीतो को प ं ढ़कर आनन्दित होते हैं। उनके कमेन्टस् मेरा उत्साहवर्धन करते हैं और मुझे नयी ऊर्जा प्रदान करते हैं। उनके लिखे अल्फ़ाज़ भी मेरे गीतो की ं विषय वस्तु बन जाते हैं । कैलाश चन्द्र यादव गीतकार काशीपुर जिला ऊधमसिहनगर ं उत्तराखण

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